राहु ऐसे बिगाड़ेगा 2019 का चुनावी खेल, दल हो या गठबंधन, ऐसी हो जायेगी हालत

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9 मार्च रविवार को शाम 5 बजकर 29 मिनट से लोकसभा चुनाव 2019 की घोषणा हो चुकी है । ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस समय क्षितिज पर सिंह राशि उदित थी, चंद्रमा मेष राशि में विद्यमान था और राहुकाल भी बना हुआ था । ज्योतिषाचार्य पं. अरविंद तिवारी ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि राहुकाल में लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से यह चुनाव बहुत ही उथल पुथल भरा होगा । साथ ही जिन तारीखों में चुनाव होंगे उस दिन भी ग्रह नक्षत्र की जो चाल रहेगी उनके अनुसार परिणाम के बाद तो कुछ दलों का अस्तित्व ही खत्म होने के ज्योतिषीय गणना के अनुसार योग बन रहे ।

पं. अरविंद तिवारी ने बताया की राहुकाल में लिये गये निर्णय बड़े ही दिलचस्प माने जाते है । राहुकाल कुछ लोगों को आसमान पर बैठा देता है तो वहीं कुछ का विनाश भी कर देता है । चुनावी घोषणा राहुकाल में होने के मायनों को ऐसे समझ सकते है, लग्न राशि सिंह स्थिर स्वभाव रखती है, स्वामी सूर्य है, लग्नचक्र में यह वर्गात्तम है, यह स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन चुनाव प्रक्रिया पर हावी रहने वाला है । इससे शासन-प्रशासन के सहयोगियों को राहत होगी और विरोधी को संघर्ष करना होगा । अतः चुनाव में व्यवधान की सोच रखने वाले लोग शांत रहें, यही उनके लिए अच्छा है ।

2019 chunav

पं. अरविंद तिवारी के अनुसार, चुनाव की घोषणा के दौरान चंद्रमा का केतु के नक्षत्र अश्विनी में संचरण था, इसका प्रभाव यह होगा कि चुनाव पर जन भावनाओं का गहरा प्रभाव रहेगा जो भी दल और गठबंधन सत्ता में आएगा बहुच अच्छा बहुमत लेकर आएगा । पहला मतदान 11 अप्रैल को आद्रा नक्षत्र में होगा । दूसरा मतदान 18 अप्रैल को हस्त नक्षत्र में होगा । तीसरा मतदान 23 अप्रैल को ज्येष्ठा नक्षत्र में होगा । चौथा मतदान 29 अप्रैल को शतभिषा नक्षत्र में होगा । पांचवां मतदान 6 मई को कृतिका नक्षत्र में होगा । छटवां मतदान 12 मई को मघा नक्षत्र में होगा, एवं आखरी मतदान 19 मई को अनुराधा नत्रक्ष में होगा ।

उक्त नक्षत्र और उस समय ग्रहों की चाल के अनुसार साथ 23 मई को जब परिणाम आयेंगे गुरुवार का दिन चद्रंमा मकर राशि में रहेगा जो सत्तापक्ष दल की राशि है, और उत्तरा नक्षत्र रहेगा । जिन तिथियों में मतदान हुआ है उसके अनुसार जो भी दल या गठबंधन जीतेगा वह पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनायेंगा । लेकिन ज्योतषीय गणना के अनुसार इस चुनाव के बाद कुछ दलों का अस्तित्व ही खत्म होने के योग बन रहे । लग्न चक्र में चंद्रमा का भाग्य स्थान में होना जताता है कि आस्था और विश्वास की प्रबलता मतदान पर हावी रहेगी, और वोटिंग परसेंटेज उम्मीद से अच्छा रहेगा ।

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