दक्षिण दिशा है नींद का कारण

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महिलाओं की भूमिका में विस्तार से जो नये दायित्व आयें हैं उनमें बच्चों की शिक्षा, घर के बाहरे के कार्य के साथ साथ घर में आर्थिक सहयोग हेतु बाहर नौकरी करना भी सम्मिलित हो गया है। जिसके कारण महिलायें दबाब में जीवन व्यतीत करती हैं। इसका उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पडा है एवं महिलाओं में नींद न आना एवं डिप्रेशन का रोग तेजी से बढता जा रहा है। महिला किसी भी परिवार को मेरूदण्ड है यदि महिला स्वास्थ एवं प्रसन्न नहीं है तो वह परिवार कभी भी आदर्श नहीं हो सकता। महिला के असामान्य होने के प्रभाव से परिवार अछूुता नहीं रह सकता।
इस स्थिति से छुटाकारा दिलाने के लिए वास्तु एक महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर सकता है। यदि आपके घर के दक्षिण में दोष है तो आप चाहें जितने ऊर्जावान हों आपको समस्यायें घेरे रहेंगी एवं आप स्वास्थ्य की ओर से परेशान ही रहेंगी एवं आप तनावरहित एवं प्रसन्नता का अनुभव नहीं कर पायेंगी। सूर्य पूर्व दिशा में उदय होकर सांयकाल में पश्चिम दिशा में अस्त होता है अतः साफ है यह जोन शक्ति एवं ऊर्जा का जोन है। यदि आप इस जोन को वास्तु के अनुकूल व्यवस्थित करते हैं तो आप भी अपने घर वं आफिस में ऊर्जावान रहेंगे। आपका यह जोन सुदृढ होने की दशा में महिलायें अपने दायित्व को बिना किसी परेशानी के व्यवस्थित रूप से पूर्ण कर पायेंगी फलस्वरूप अनिद्रा एवं थकान की परेशानी नहीं रहेगी ।
आप दक्षिण जोन को भी वास्तु अनुकूल बनाकर इस समस्या जो निजात पा सकते हैं। दक्षिण जोन में सुधार हेतु कुछ सुझाव निम्नवत हैंः

  • दक्षिण जोन की कलर स्कीम में वास्तु अनुकूल परिवर्तन करें
  • इस जोन में जल सम्बन्धित कोई कलर नहीं होना चाहिए क्योंकि यह आपके जीवन में उथल पुथल पैदा करता है।
  • यह जोन अग्नि क्षेत्र कहलाता है अतः यदि आप इस जोन में जल सम्बन्धित रंग का प्रयोग करती हैं तो विरोध प्रवृत्ति के कारण हमेशा अशान्त व अव्यवस्थित रहेंगे।
  • इस क्षेत्र के लिए लाल रंग को अनुकूल माना गया है इससे आप पहले से कहीं व्यवस्थित और ऊर्जावान महसूस करेंगे।
  • इस दिशा या क्षेत्र में आप फेंगशुई के अनुसार लाल रंग की पिक्चर लगाकर इसकी अनुकूलता में वृद्धि कर सकते हैं।
  • इस दिशा में कभी भी शीशा नहीं लगाना चाहिए।
  • इस जोन में जल से सम्बन्धित चित्र या एक्वरियम नहीं लगाया चाहिए।

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