रोडपति से अरबपति भी बना देता है मां बगलामुखी का यह तांत्रिक उपाय

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तंत्र की देवी मानी जाती है मां बगलामुखी, जिसे पितांबरा माता भी कहा जाता है। बगलामुखी जयंती के दिन अगर माता के इस तांत्रिक सिद्ध मंत्र की साधना की जाये तो एक दो नहीं बल्कि हजारों कामनाएं पूरी हो जाती है। 2019 में 12 मई दिन रविवार को है मां बगलामुखी जयंती।

माता बगलामुखी की साधना, दस महाविद्याओं में बगलामुखी एक मात्र ऐसी देवी है जिसकी साधना शत्रु दमन तथा रोग एवं दुखदारिद्रय तथा कलह से मुक्ति प्राप्त करने के विशेष उद्देश्य से की जाती है। मूलतः यह साधना तंत्र से संबंधित है, तांत्रिक षट्कर्मों में विशेषकर स्तंभन के लिए रामबाण है। साधना विशेषकर सुख-समृद्धि, राजनैतिक लाभ, वाक् सिद्धि, संतान प्राप्ति, तंत्र-सिद्धि, गृह-शांति, शत्रुनाश, वशीकरण, उच्चाटन, रोग, दरिद्रता, मुकदमा एवं जेल से मुक्ति जैसे असाध्य कष्टों के निवारण के लिए की जाती है। देवी के इस मंत्र की साधना करने पर कोई भी रोडपति से अरबपति भी बन सकता है।

साधना किसी योग्य अनुभवी व्यक्ति के मार्गदर्शन में ही की जानी चाहिए। इसमें चूक होने या परपीड़ा के लिए इसका उपयोग करने पर साधक की हानी भी हो सकती है। साधना में श्रद्धा, विश्वास, आत्मसंयम का पालन करना आवश्यक है। साधना रात्रि के समय देवी के मंदिर, पर्वत, पवित्र नदी के तट पर या किसी सिद्ध स्थल पर एकांत में की जाती है।

साधना के लिए चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर माता को चित्र, बगलामुखी यंत्र, कलश एवं अखंड दीपक स्थापित करें। माता बगलामुखी के भैरव मृत्युंजय हैं। अतः साधना के आरंभ में महामृत्युंजय की एक माला एवं बगला कवच का पाठ करना चाहिए। साधक पीले वस्त्र धारण करें हल्दी की माला से मनोकामना/कष्ट निवारण के लिए जप करें। इस मंत्र का जप 1100 बार करना चाहिए।

मंत्र- ऊँ ह्रीं बगलामुखि सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय हृीं ऊँ स्वाहा।।

अमीर बनने की कामना से इस मंत्र का 1000 बार जप करें-

मंत्र- ऊँ श्री हृीं ऐं भगवती बगले मे श्रियं देहि-देहि स्वाहा।। इस मंत्र के प्रयोग से साधक कभी दरिद्र नहीं होता।

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