तो इसलिये भगवान विष्णु अपने हाथों में रखते हैं ये तीन चीज, जानें महत्व

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तो इसलिये भगवान विष्णु अपने हाथों में रखते हैं ये तीन चीज, जानें महत्व

जगत के पालनहार भगवान विष्णु के हाथों में हमेशा सुदर्शन चक्र, शंख और गदा दिखाई देती है। भगवान विष्णु तीन देवताओं में से एक देव हैं। मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि की रचना ब्रह्म देव ने की थी, वहीं सृष्टि के संहारक भगवान शंकर को माना जाता है और सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु को माना जाता है। विष्णु जी क्षीर सागर में विराजमान रहते हैं। आइए जानते हैं कैसा है भगवान विष्णु का स्वरुप…

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भगवान विष्णु जी का स्वरूप

विष्णु पुराण के अनुसार, भगवान विष्णु सृष्टि के पालनहार हैं, वे क्षीर सागर में वासुकि नाग पर विराजते हैं। भगवान विष्णु की चार भुजाएं हैं जिनमें से एक हाथ में सुदर्शन चक्र, तीसरे में गदा और चौथी भुजा में पद्म है। लेकिन क्या आपको पता है ये चीजें भगवान विष्णु के हाथों में होना मात्र एक आकृति या पहचना के लिये नहीं है। बल्कि भगवान विष्णु जी ने अपने हाथों जो चीजें धारण की हैं, उनके पीछे का बहुत अधिक महत्व है। आइए जानते हैं क्या है उसका महत्व….

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पद्म का महत्व

पद्म का अर्थ कमल के फूल से है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कमल का फूल मन में एकाग्रता और सत्यता का प्रतीक माना जाता है। कमल का फूल मानव जीवन को बहुत बड़ी सीख देता है, जिसके अनुसार जिस प्रकार कमल का फूल कीचड़ में रहकर भी खुद को साफ, सुंदर बनाकर रखता है। उसी तरह लोग भी इस संसार रुपी माया में रहते हुये खुद को निष्पापी बनाकर रखें।

गदा का महत्व

गदा भगवान विष्णु के एक हाथ में रखते हैं और शक्ति प्रदान करते हैं। यह गदा होने का मतलब दुष्टों को डराने से है। दुष्टों को डराने का कार्य इस गदा से किया जाता है। जबकि अच्छे विचारवान लोगों के लिये यह रक्षा का प्रतीक है। भगवान विष्णु के हाथ में गदा ईश्वर की न्याय प्रणाली को दर्शाता है।

शंख का महत्व

भगवान विष्णु का दूसरा शस्त्र है शंख, शंख की ध्वनि में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके साथ ही यह भी कहना है कि शंख की ध्वनि व्यक्ति के जीवन में नकारात्मकता कम करती है और सकारात्मकता बढ़ाती है। आध्यात्मिक दृष्टि से शंख से निकलने वाली ध्वनि हमारी अंतर्आत्मा और चेतना जागृत होती है।

सुदर्शन चक्र का महत्व

भगवान विष्णु के एक हाथ में सुदर्शन चक्र दिखाई देता है। सुदर्शन चक्र वास्तव में इस बात का प्रतीक होता है कि व्यक्ति को अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ निश्चयी होना चाहिये। यह इस बात को भी समझाता है कि अपने लक्ष्य को भेदने की शक्ति और दूरदर्शिता के प्रति हमेशा एकाग्र रहें। सुदर्शन चक्र को भगवान विष्णु का अमोघ अस्त्र भी कहा जाता है।

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